बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान जिन्होंने हाल में महाशिवरात्रि के मौके पर उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों की यात्रा से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी, अब धार्मिक स्थलों में प्रवेश करने से पहले उन्हें आस्था का शपथ पत्र जमा कराने को कहा गया है.मंदिर समिति के अध्यक्ष ने 17 मार्च को खुलासा किया कि, मंदिरों में दर्शन करने के इच्छुक सभी गैर-हिंदुओं को हिंदू धर्म में अपनी आस्था का शपथ पत्र जमा करना होगा.सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान अक्सर अपने इंस्टाग्राम पर भारतवर्ष की धार्मिक यात्राओं खासतौर से बद्रीनाथ और केदारनाथ की फोटो शेयर करती हैं. बता दें कि ये धार्मिक यात्रा उनकी निजी यात्रा होती है, न कि किसी फिल्म गतिविधि से जुड़ी.बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश बंद! जानें फैसले का कारण और यात्रा की डेट?सारा अली खान को बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर में आस्था हलफनामा क्यों देना पड़ेगा?IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बद्री-केदार समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि, आज 17 मार्च बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में आशीर्वाद लेने के इच्छुक सभी गैर-हिंदुओं को एक शपथ पत्र पेश करना होगा. हर गैर-हिंदू व्यक्ति को हिंदू धर्म में विश्वास रखने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा. यह नया नियम सभी वीआईपी हस्तियों पर भी लागू होगा.द्विवेदी ने आगे बताया कि, अगर सारा अली खान सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था जाहिर करती हैं और हलफनामा जमा करती हैं, तो उन्हें मंदिर में प्रवेश के साथ पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जाएगी. बता दें कि सारा के पिता सैफ अली खान मुस्लिम हैं, जबकि उनकी मां अमृता सिंह सिख हैं. हालांकि अपने पुराने इंटरव्यू में सारा ने खुद को एक गौरवान्वित भारतीय कहा है. View this post on Instagram A post shared by Sara Ali Khan (@saraalikhan95)सारा अली खान का बद्री-केदारनाथ से इतना अटूट संबंध कैसे है?सारा ने साल 2018 में अभिषेक कुमार की फिल्म केदारनाथ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जिसमें उनके साथ दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत नजर आए थे. वह 2017 से ही मंदिरों के दर्शन के लिए आती रही हैं, जब उन्होंने अपनी पहली फिल्म की शूटिंग शुरू की थी. सारा हर साल अप्रैल से नवंबर महीने के बीच मंदिरों की यात्रा करती हैं.सारा ने सोशल मीडिया पर अपनी धार्मिक यात्राओं का दस्तावेजीकरण किया है. इसमें हिमालय से करीब 3583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मंदिर तक ट्रेकिंग या हेलीकॉप्टर से पहुंचना शामिल है. सारा मंदिर में सुबह के दर्शन और प्रसाद चढ़ाने समेत दैनिक अनुष्ठानों में भी हिस्सा लेती हैं. Hajj 2026: हज यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू! जानें बुकिंग प्रक्रिया, नियम और ज़रूरी बातें?