What Happens If You Take Too Much Niacin: कई लोग रोजाना विटामिन लेते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ये हमेशा सुरक्षित और फायदेमंद होते हैं. ऐसा ही एक विटामिन है विटामिन B3 (नियासिन), जिसे कोलेस्ट्रॉल कम करने और हार्ट की सेहत सुधारने के लिए जाना जाता है. डॉक्टर भी कभी-कभी हाई कोलेस्ट्रॉल या हाइपरलिपिडेमिया के मरीजों को इसे लेने की सलाह देते हैं. लेकिन जब यही विटामिन बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा मात्रा में लिया जाए, तो नुकसान भी हो सकता है.आंखों की रोशनी पर पड़ता है असरअमेरिका के न्यूयॉर्क आई एंड ईयर इन्फर्मरी ऑफ माउंट सीनाई के डॉक्टरों ने एक ऐसा ही मामला सामने रखा, जिसमें ज्यादा मात्रा में नियासिन लेने से एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी पर असर पड़ा. 61 साल के एक व्यक्ति की नजर धीरे-धीरे एक महीने में इतनी कमजोर हो गई कि उसे साफ दिखाई देना बंद हो गया. जांच में पाया गया कि उसकी आंखों की रोशनी खतरनाक स्तर तक गिर चुकी थी.शुरुआत में मरीज ने सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की बात बताई, लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि वह कई महीनों से रोजाना 3 से 6 ग्राम तक नियासिन ले रहा था. उसने यह सप्लीमेंट बिना डॉक्टर की सलाह के खुद ही खरीदकर लेना शुरू किया था, क्योंकि उसे लगा कि इससे दिल की सेहत बेहतर होगी.इसे भी पढ़ें- High Cholesterol In Young Age: अब छोटी उम्र से ही कोलेस्ट्रॉल का खतरा, हार्ट अटैक से बचना है तो... 11 मेडिकल इंस्टीट्यूट ने जारी की गाइडलाइनक्या होती है दिक्कतडॉक्टरों ने जब उसकी आंखों की गहराई से जांच की, तो पता चला कि उसे एक दुर्लभ समस्या हो गई है, जिसे नियासिन-इंड्यूस्ड सिस्टॉइड मैक्युलोपैथी कहा जाता है. इसमें आंख की रेटिना के मैक्युला हिस्से में तरल जमा हो जाता है, जिससे सूजन आ जाती है और नजर धुंधली या कमजोर हो जाती है. हालांकि राहत की बात यह रही कि जैसे ही मरीज ने नियासिन लेना बंद किया, उसकी हालत में सुधार होने लगा. एक हफ्ते के अंदर उसकी नजर बेहतर होने लगी और करीब दो महीने बाद उसकी आंखों की रोशनी पूरी तरह सामान्य हो गई.एक्सपर्ट का क्या कहना डॉक्टरों के मुताबिक, नियासिन की सामान्य मेडिकल डोज 1 से 3 ग्राम प्रतिदिन होती है और अधिकतम 6 ग्राम तक ही, वह भी डॉक्टर की निगरानी में ली जानी चाहिए. मरीज ने यह मात्रा बिना किसी मेडिकल सुपरविजन के ली थी. जांच के दौरान आधुनिक इमेजिंग तकनीक से रेटिना के मैक्युला हिस्से में सूजन पाई गई, जो साफ देखने के लिए जरूरी होता है. इस केस की रिपोर्ट Journal of VitreoRetinal Diseases में प्रकाशित हुई. रिसर्च टीम के प्रमुख डॉ. रिचर्ड रोसेन ने चेतावनी दी कि बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेना खतरनाक हो सकता है.इसे भी पढ़ें - Side Effects Of Birth Control Pills: क्या प्रेग्नेंसी रोकने वाली दवाइयों से हो जाता है कैंसर, जानें कितनी सच है यह बात?Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.