जबलपुर जिला अदालत में पुलिसकर्मी न सिर्फ चालान पेश कर रहे थे, बल्कि पक्षकारों से सीधे संपर्क कर पूरे केस की प्रक्रिया स्वयं संभाल रहे थे।