शर्तें अपने हिसाब से तय होती हैं, जिसे लेकर शिकवा-शिकायत होती हैं और कई बार मामले न्यायालय भी पहुंच जाते हैं। इस व्यवस्था में सुधार के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भंडार क्रय नियम को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग से लेकर वित्त विभाग के अधीन कर दिया है।