फरसा बाबा की मौत के बाद प्रशासन ने कहा है कि उनके शिष्यों को कोई परेशानी नहीं होगी। फरसा बाबा ने छोटी उम्र में संन्यास ले लिया था और अपना पूरा जीवन गौ सेवा में लगा दिया।