पंजीयन विभाग के अनुसार अप्रैल से फरवरी तक 68,700 विक्रय पत्र पंजीकृत हुए हैं, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह संख्या 78,500 थी, यानी 9,800 दस्तावेज कम पंजीकृत हुए।