डीएवीवी इंदौर के विभागाध्यक्षों ने तीन से पांच फीसद फीस बढ़ाने पर जोर दिया है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि विश्वविद्यालय की आय का स्रोत सीमित हो चुका है।