ईरान की रक्षा क्षमताओं में बैलिस्टिक, क्रूज़ और हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल हैं और उसके पास ड्रोन भी हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि उसने इसराइल और खाड़ी देशों के ख़िलाफ़ हमलों की अपनी रणनीति बदल दी है.