गुड़ी पड़वा पर महाकाल के शिखर पर लहराएगा ब्रह्म ध्वज, 2 हजार साल पहले सम्राट विक्रमादित्य ने की थी शुरुआत

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ब्रह्म ध्वज शक्ति, साहस तथा विजय का प्रतीक है। केसरिया रंग के इस ध्वज में दो पताका तथा मध्य में सूर्य का अंकन है, यह चतुर्दिक विजय का प्रतीक है।