बाबू जगजीवन राम, एक समय में देश के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे की पंक्ति के नेता माने जाते थे लेकिन उनके बेटे के एक स्कैंडल ने उनका पीएम बनने का सपना तोड़ दिया।