हर व्यक्ति अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहता है। इसके लिए लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए बचाते हैं या निवेश करते हैं। हालांकि, कुछ लोग यह नहीं जानते हैं कि कहां और कैसे निवेश करें। उन्हें यह नहीं पता होता कि बड़ा फंड बनाने के लिए SIP या लंप सम में कौन सा तरीका बेहतर है? इसलिए आज हम आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि- सवाल- SIP क्या है? जवाब- SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- लंप सम क्या होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- SIP और लंप सम इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर है? जवाब- ये निवेश के दो अलग तरीके हैं। आइए ग्राफिक से समझते हैं- सवाल- रिटर्न के लिहाज से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर है?जवाब- रिटर्न पूरी तरह बाजार की स्थिति और निवेश की अवधि (टाइम पीरियड) पर निर्भर करता है। पूरी बात पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- SIP शुरू करने से पहले निवेश का लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए, जैसे- इसके अलावा और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ग्राफिक में देखिए- सवाल- लंप सम निवेश करते समय क्या सावधानियां जरूरी हैं? जवाब- लंप सम निवेश के लिए जरूरी है कि व्यक्ति के पास अतिरिक्त फंड होना चाहिए, जिसे लंबे समय तक निवेशित रखा जा सके। लंप सम से पहले ये सभी बातें जानना जरूरी है- सवाल- क्या एक ही फंड में SIP और लंप सम दोनों कर सकते हैं? जवाब- हां, यह इन्वेस्टमेंट का अच्छा तरीका है। इसमें व्यक्ति अपनी नियमित SIP जारी रख सकता है। फिर जब भी बाजार में पैनिक (गिरावट) हो, अतिरिक्त पैसे डाल सकता है। इसे 'बाय ऑन डिप्स' टेक्नीक कहते हैं। इससे पोर्टफोलियो की NAV (नेट एसेट वैल्यू) काफी नीचे आ जाती है और भविष्य में मिलने वाला रिटर्न कई गुना बढ़ जाता है। सवाल- निवेश की अवधि का सही चुनाव कैसे करें? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- SIP या लंप सम में कितने समय के लिए इन्वेस्टमेंट करना चाहिए? जवाब- यह पूरी तरह से व्यक्ति के इन्वेस्टमेंट गोल्स और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। हालांकि, इसके कुछ सामान्य नियम हैं, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- STP यानी सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान क्या है और निवेश में कैसे मदद करता है? जवाब- STP को लंप सम और SIP का एक हाइब्रिड मॉडल कह सकते हैं। सवाल- नए निवेशक को शुरुआत कैसे करनी चाहिए? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स से समझिए- ………………ये खबर भी पढ़िएआपका पैसा- सिर्फ PAN नंबर से जानें म्यूचुअल फंड डिटेल्स: कितनी वेल्थ बनी, टैक्स फाइलिंग में कैसे मिलेगी मदद, जानें पूरा प्रोसेस PAN बेस्ड कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट (CAS) के जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड्स के सभी निवेश एक ही जगह देख सकते हैं। इससे निवेश की ट्रैकिंग आसान होती है, ओवरलैप का जोखिम भी नहीं होता है। आगे पढ़िए…