शासन द्वारा भू-उपयोग परिवर्तन की अनुमति नहीं मिलने के बाद आईडीए ने इस जमीन पर पीपीपी मॉडल के तहत मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब विकसित करने की योजना बनाई है।