कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।