Iran Digital Blackout: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान इस समय दोहरी मार झेल रहा है. एक ओर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई की खबरें हैं तो दूसरी ओर देश के भीतर इंटरनेट सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी गई हैं. नेटवर्क मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks के अनुसार, कई घंटों से कनेक्टिविटी बेहद निचले स्तर पर है और इंटरनेट ट्रैफिक लगभग 1 प्रतिशत तक सिमट गया है. ऐसे हालात में आम लोग डिजिटल रूप से दुनिया से कटे हुए महसूस कर रहे हैं.मिसाइल हमलों की गूंज और सैन्य अभियानरिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने अपनी कार्रवाई को ऑपरेशन लायन रोर नाम दिया है जबकि अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कहा है. तेहरान, इस्फहान और शिराज जैसे प्रमुख शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं. इजरायली वायुसेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस ठिकानों को निशाना बनाया है. इन घटनाओं के बीच कई तरह की अपुष्ट खबरें भी फैल रही हैं जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है.इंटरनेट पर ताला क्यों?विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट बंद करने के पीछे सरकार की सुरक्षा रणनीति हो सकती है. आशंका जताई जा रही है कि प्रशासन नहीं चाहता कि हमलों की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वैश्विक स्तर पर फैलें या देश के भीतर असंतोष डिजिटल माध्यम से संगठित हो. साथ ही यह भी माना जा रहा है कि साइबर और मनोवैज्ञानिक युद्ध से बचाव के लिए कनेक्टिविटी सीमित की गई है.इंटरनेट बंद होने से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह ठप हो गए हैं. आम लोग न तो मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही किसी ऑनलाइन सेवा तक पहुंच बना पा रहे हैं.आम जिंदगी पर गहरा असरडिजिटल नेटवर्क ठप होने का असर सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है. अस्पतालों में ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम प्रभावित हुआ है बैंकिंग सेवाओं में रुकावट आई है और डिजिटल पेमेंट भी लगभग बंद हो चुके हैं. आपातकालीन संपर्क साधन बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है.आसमान में भी असर, उड़ानें प्रभाविततनाव का प्रभाव हवाई यात्रा पर भी दिख रहा है. सुरक्षा कारणों से कई खाड़ी देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों में बदलाव किया गया है. कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़े हैं जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.संयुक्त राष्ट्र की चिंतास्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता व्यक्त की है. संगठन ने चेतावनी दी है कि बढ़ता संघर्ष वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. वहीं अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों को रोकने के उद्देश्य से की गई है. फिलहाल ईरान में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. सैन्य टकराव के साथ-साथ डिजिटल ब्लैकआउट ने देश को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया है.यह भी पढ़ें:घर की सुरक्षा के नाम पर बड़ा खतरा! ये डिवाइस बन सकते हैं आपकी जासूसी का जरिया, देर होने से पहले हो जाएं सतर्क