Panchang 2 March 2026: आज होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, भद्रा और पंचांग देखें

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Hindi Panchang 2 मार्च 2026: आज 2 मार्च 2026 को फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथि दोनों है. फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सूर्यास्त के बाद होलिका दहन किया जाता है. होलिका दहन भद्रा काल में न करें. मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलाती है और जीवन में आनंद का आगमन होता है. रोग, दोष, ग्रह पीड़ा, दुख दूर होते हैं. होलिका दहन में अनाज, नारियल, बड़कुले की माला, गेहूं, कपूर, इलायची आदि अर्पित करना चाहिए. 2 मार्च का पंचांग 2026 (Hindi Panchang 2 March 2026)तिथिचतुर्दशी (1 मार्च 2026, रात 07.09 - 2 मार्च 2026, 5.54) इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू होगीवारसोमवारनक्षत्रअश्लिेषायोगअतिखण्ड, रवि योगसूर्योदय सुबह 7.15सूर्यास्तसुबह 5.38चंद्रोदयशाम 5.20चंद्रोस्तसुबह 6.33, 3 मार्चचंद्र राशिकर्कचौघड़िया मुहूर्तसुबह का चौघड़ियाशुभसुबह 7.38 - दोपहर 12.01शाम का चौघड़ियालाभशाम 5.52 - रात 10.29राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें)सुबह 8.12 - सुबह 9.39यमगण्ड कालसुबह 11.06 - दोपहर 12.33गुलिक कालदोपहर 2.00 -दोपहर 3.27 आडल योगसुबह 7.51 - सुबह 6.44, 3 मार्च विडाल योगसुबह 6.45 - सुबह 7.51भद्रा काल शाम 5.55 - सुबह 5.28, 3 मार्च ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 2 March 2026)सूर्यकुंभचंद्रमाकर्कमंगलकुंभबुधकुंभगुरुमिथुनशुक्रकुंभशनिमीनराहुकुंभकेतुसिंहकिन राशियों को लाभसिंह राशिशेयर मार्केट से लाभ मिलने की संभावना है. पैतृक संपत्ति से जुड़ा विवाद समाप्त हो सकता है.कौन सी राशियां संभलकर रहेंकन्या राशिस्वास्थ कारण से आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.FAQs: 2 मार्च 2026Q.कौन सा उपाय करें ?अगर घर में कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, तो उसके हाथ से एक मुट्ठी काले तिल और जौ लेकर होलिका दहन की अग्नि में डलवाएं. यदि रोगी स्वयं न जा सके, तो कोई अन्य सदस्य उनके ऊपर से 7 बार वार कर इसे अर्पित कर सकता है. यह 'अकाल मृत्यु' के भय और असाध्य रोगों की तीव्रता को कम करता है.Q.कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?इस दिन रवि योग और अतिखण्ड योग बन रहा है.Holika Dahan 2026: होलिका दहन के ये 7 उपाय, हर संकट का है समाधान!Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.