प्रदेश में कुल 308 पक्षियों की प्रजातियों की 96 हजार 495 की संख्या दर्ज की गई। सर्वेक्षण में 24 दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं लुप्तप्राय (आरईटी) प्रजातियों को देखा गया।