हिंदू रक्षा दल की महिलाओं ने हाईवे पर लिखा ‘मुसलमानों के लिए रोड नहीं’, FIR दर्ज

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"मुसलमानों के लिए यह रोड नहीं है."ये सहारनपुर के बिहारीगढ़ के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से पर लगे साउंड बैरियर पर स्प्रे पेंट से लिखा गया था, जिसके बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक कर्मचारी की शिकायत पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के अज्ञात सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दो युवतियां स्प्रे से लिखती हुई नजर आ रही हैं. हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और इसकी पूरी जिम्मेदारी भी ली है.NHAI के अधिकारी सुनील कुमार हरिद्वार के बंजारावाला गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि मुस्लिम समुदाय के खिलाफ विवादित टिप्पणी लिखे जाने के बाद उन्होंने हिंदू रक्षा दल से जुड़े अज्ञात सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई.शिकायत के मुताबिक, बिहारीगढ़ के पास हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्प्रे पेंट से “मुसलमान के लिए रोड नहीं है” और “This road won’t allow Muslims” जैसे आपत्तिजनक संदेश हिंदी और अंग्रेजी में लिखे गए.इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दो महिलाएं दिख रही हैं. एक महिला के गले में भगवा गमछा नजर आता है. मौके पर उत्तराखंड नंबर प्लेट वाली एक कार खड़ी दिखती है. लिखी लाइन को पुलिस ने काले रंग से ढकासहारनपुर के एसपी (ग्रामीण) सागर जैन ने बताया, शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने बिहारीगढ़ थाने को बैरियर पर लिखे गए संदेश की सूचना दी. पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और किसी भी तरह के तनाव को रोकने के लिए विवादित संदेश को काले रंग से ढक दिया गया. "भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. यह धारा विभिन्न धार्मिक, भाषाई या क्षेत्रीय समूहों के बीच वैमनस्य या घृणा फैलाने के उद्देश्य से अफवाह या भड़काऊ सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से संबंधित है."गाजियाबाद स्थित हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर लिखे गए विवादित संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने जो लिखा, वह सही है. उसने दावा किया कि देश में टैक्स हिंदू देते हैं, जबकि सरकारी सुविधाओं का लाभ मुस्लिम समुदाय उठा रहा है.पिंकी चौधरी पूर्व में भी विवादों से जुड़ा रहा है. दिसंबर 2025 में गाजियाबाद में उसके और 45 सहयोगियों के खिलाफ 250 से अधिक तलवारें बांटने और कथित रूप से भड़काऊ नारेबाजी करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था.हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए घटना की जिम्मेदारी ली है. शर्मा ने दावा किया कि नेशनल हाईवे हिंदुओं के टैक्स के पैसे से बनते हैं और “जिहादी” टैक्स नहीं देते, इसलिए उन्हें इन सड़कों पर चलने का अधिकार नहीं होना चाहिए. अपनी पोस्ट में उन्होंने चेतावनी भी दी कि मुसलमानों को नेशनल हाईवे पर चलने नहीं दिया जाएगा. बीबीसी से बात करते हुए उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस घटना की निंदा की. उन्होंने कहा, इस तरह की हरकतें हिंदू-मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव पैदा करने के लिए की जाती हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.कांग्रेस सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सैयद नसीर हुसैन ने इस घटना को संवैधानिक समानता और भाईचारे के मूल्यों पर सीधा हमला बताते हुए राज्य सरकार से सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है.