हिंदू धर्म में मांगलिक कार्य से पहले 'भद्रा' का विचार जरूरी माना गया है। भद्रा काल में किए गए शुभ कार्यों के सफल न होने की आशंका रहती है, इसलिए 3 मार्च 2026 को भी विद्वान भद्रा खत्म के बाद ही पूजा की सलाह दे रहे हैं।