Holika Dahan 2026: होलिका दहन के ये 7 उपाय, हर संकट का है समाधान!

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Holika Dahan 2026 Upay: होलिका दहन केवल रंगों के त्योहार की शुरुआत नहीं, बल्कि यह तत्व शुद्धि का महापर्व है. यह वह पावन समय है जब अग्नि तत्व जागृत होकर हमारे जीवन की समस्त नकारात्मकता को भस्म करने की शक्ति रखता है लेकिन, 2 मार्च 2026 की यह रात सामान्य रातों से बिल्कुल अलग है! इस वर्ष होलिका दहन की दिव्य लौ के साथ चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है.कल्पना कीजिए, एक तरफ आसमान में चंद्रमा अपनी रहस्यमयी आभा बिखेर रहा होगा, और दूसरी तरफ धरती पर पवित्र अग्नि प्रज्वलित होगी. ज्योतिष की दृष्टि में यह एक स्पिरिचुअल गेटवे है. ग्रहण के दौरान वायुमंडल में मंत्रों की शक्ति हजारों गुना बढ़ जाती है. यह वह समय है जब आपके द्वारा की गई एक छोटी सी पूजा या श्रद्धापूर्वक किया गया एक छोटा सा संकल्प भी आपके भाग्य की रेखाओं को बदलने की सामर्थ्य रखता है.इस दुर्लभ संयोग का लाभ उठाएं और उन सिद्ध उपायों को जानें, जो आपके जीवन को खुशियों के रंगों से भर देंगेबिजनेस के लिए -  यदि बिजनस में मंदी है या भाग्य साथ नहीं दे रहा, तो होलिका दहन के समय एक साबुत नारियल, पान और सुपारी अग्नि को अर्पित करें. होलिका की 11 परिक्रमा करते हुए अपनी सफलता का संकल्प लें. अगले दिन होली की राख को स्फटिक श्रीयंत्र और चांदी के सिक्के के साथ लाल रेशमी कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें, यह तांत्रिक उपाय दरिद्रता दूर कर धन आगमन के नए मार्ग खोलता है.नजर दोष - परिवार को रोगों से बचाने के लिए प्रत्येक सदस्य के पैर से सिर तक की लंबाई का कच्चा सूत नापकर होलिका की अग्नि में जला दें. यह प्रक्रिया कष्टों को अग्नि को सौंपने का प्रतीक है. इसके बाद होली की भस्म घर लाएं, पुरुष इसे मस्तक पर और महिलाएं गले पर तिलक के रूप में लगाएं. मान्यता है कि यह रक्षा कवच की तरह काम करती है और मौसमी बीमारियों व नजर दोष से परिवार की रक्षा करती है.ग्रह दोष -  ग्रहबाधा दूर करने के लिए होली की रात उत्तर दिशा में सफेद कपड़े पर सात प्रकार के अनाज की ढ़ेरियां बनाकर नवग्रह यंत्र स्थापित करें. शुद्ध घी का दीपक जलाकर स्फटिक माला से नवग्रह स्तोत्र का जाप करें. जाप के बाद इस अभिमंत्रित यंत्र को अपने घर के मंदिर में स्थापित कर ले.  यह अनुष्ठान कुंडली के दोषों को शांत कर प्रतिकूल ग्रहों को भी शुभ और फलदायी बना देता है. बुरी शक्तियों से बचाव - घर में मानसिक तनाव और दरिद्रता को दूर करने के लिए होलिका दहन के अगले दिन अपने इष्टदेव को गुलाल अर्पित करें. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इष्टदेव का पूजन हमेशा घर के ईशान कोण में करना चाहिए. इस दिशा में पूजन करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक शक्तियों का संतुलन बनता है. करियर के लिए - करियर की बाधाओं को दूर करने के लिए होलिका दहन के समय 8 बेदाग पीले नींबू लें और उन्हें अपने सिर से 21 बार उल्टा वार लें. इसके बाद इन नींबुओं को जलती अग्नि में अर्पित कर होलिका की 8 परिक्रमा करें. परिक्रमा करते समय पदोन्नति या नई नौकरी की मन ही मन प्रार्थना करें. यह प्रयोग उन्नति के नए द्वार खोलता है.आर्थिक लाभ - आर्थिक तंगी से मुक्ति के लिए होली की रात पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें. मसूर की दाल की ढे़री पर 7 कौड़ियां और एक छोटा शंख स्थापित करें. मूंगे की माला से ऊँ गं गणपतये नमः मंत्र का 5 माला जाप करें. जाप के पश्चात इन सामग्रियों को किसी निर्जन स्थान पर भूमि में दबा दें. यह प्राचीन विधि घर की दरिद्रता को जड़ से समाप्त कर धन लक्ष्मी के आगमन का मार्ग निष्कंटक बनाती है.रोग और कष्ट से मुक्ति - शारीरिक कष्टों और पुराने रोगों से छुटकारा पाने के लिए होली की सुबह भगवान शिव के चरणों में पीली सरसों रखें. रोगी का कोई भी परिजन महामृत्युंजय मंत्र का संकल्प लेकर जप करें. जप पूर्ण होने के बाद उस अभिमंत्रित सरसों का उबटन रोगी के शरीर पर मलें और फिर उस सरसों को होलिका की अग्नि में विसर्जित कर दें. यह क्रिया रोगी की नकारात्मक ऊर्जा को अग्नि को सौंपने का प्रतीक है, जिससे स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार होने लगता है.Holika Dahan 2026: होली पर भद्रा और ग्रहण का साया, होलिका दहन किस मुहूर्त में करेंDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.