प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पांच साल में करीब 35 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के एक लाख पद खाली हैं।