आरोपितों पर पीड़ित की संपत्तियों को इंदौर में गिरवी रखवाकर बैंक से 3 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट प्राप्त करने और उस राशि का निजी स्वार्थ में दुरुपयोग करने का आरोप है।