भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का कंप्रोमाइज्ड चाचा बताया। पात्रा ने कहा कि मैं बताता हूं कि असली समझौता किसने किया। इस सिलसिले में नेहरू का नाम सबसे पहले आता है। पात्रा ने कहा कि नेहरू के निजी सचिव रहे एम.ओ. माथाई को लेकर कहा जाता था कि वे अमेरिकी एजेंट थे। 1960 के दशक में सोवियत खुफिया एजेंसी केजीबी के एजेंट प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच रखते थे। पात्रा बोले- उस दौर में यह चर्चा आम थी कि विदेशी एजेंसियों को जो भी संवेदनशील दस्तावेज चाहिए होते थे, वे आसानी से मिल जाते थे। राष्ट्रीय सुरक्षा को इतना कमजोर क्यों होने दिया गया कि गोपनीय दस्तावेज विदेशी हाथों में पहुंच सकें। संबित पात्रा ने दिल्ली में प्रेस कॉंफ्रेंस में ये बातें कहीं। उन्होंने ये भी कहा कि AI समिट को बदनाम करने के लिए कांग्रेस ने इन्फ्लुएंसर्स को पैसे के ऑफर्स दिए। संबित पात्रा की पांच बड़ी बातें… 20 फरवरी: भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस ने हंगामा किया, शर्टलेस प्रदर्शन 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए थे। इसमें 10 से ज्यादा कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए थे। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी थी। उस पर लिखा था- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड।