ये डॉक्टर कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस और संदिग्ध पाकिस्तानी डिग्रियों के आधार पर इलाज कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुल रही है।